Science Mela
मंगल यान
यह भारत का प्रथम मंगल अभियान है | यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की एक महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष परियोजना है |
संचालक -ISRO
वजन - 1350 किग्रा.
ऊर्जा - सौर सेल
प्रक्षेपण तिथि – 5 नवंबर 2013
प्रक्षेपण स्थल- सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र
परिधि – 377 किमी.
प्रमुख उपकरण- * मीथेन सेंसर * थर्मल इम्फारेड स्पेक्ट्रोमीटर *मार्स कलर कैमरा *लीमैन अल्फा फोटोमीटर
*मंगल इक्सोस्फेरिक न्यूट्रल संरचना
पहुँचने की तिथि – 24 सितम्बर 2014
नाम - ज्ञानू, शैलेन्द्र
कक्षा -8th
हाइड्रोलिक जैक
यह पास्कल के सिद्धांत पर कार्य करने वाली एक मशीन है |इसमें पानी का प्रयोग करके बल का स्थानांतरण एक स्थान से दूसरे स्थान पर करने के लिए किया जाता है |
इसमें दो सिरिंज को पानी से भरी फ्लेक्सी तुबे से जोड़ दिया जाता है एक सिरिंज पर बल लगाकर द्रव की मदद से बल को जैक में स्थानांतरित किया जाता है |
नाम- प्रशांत गौतम,विवेक यादव
कक्षा -8th
पोर्टेबल चार्जर
यह आई सी 9 वोल्ट को 5 वोल्ट में बदलता है और मोबाइल को चार्जिंग करने के लिए 5 वोल्ट चाहिए इसकी सहायता से 9 वोल्ट की बैटरी से मोबाइल चार्ज कर सकते है
यू.एस.बी.- यूनिवर्सल सीरियल बस
आई.सी.- इंट्रीग्रेटिड सर्किट
नाम - आयूष , मोनू
कक्षा -8th
POTATO BATTERY
सामग्री - आलू, ज़िंक, कॉपर, तार, एल.ई.डी.
क्या आप जानते हैं ? एल.ई.डी. कैसे चमकती है |
क्या है इसका राज - आलू के अंदर कुछ अम्लीय प्रकृति का रस होता है जो इलेक्ट्रॉनों का सुचालक होता है जैसे ही ज़िंक और कॉपर के अंतिम सिरों को एल.ई.डी.से जोड़ते हैं तो विद्युत परिपथ पूरा हो जाता है और हमारी एल.ई.डी. चमकने लगती है |
नाम - रागिनी, सोनम
कक्षा - 7th
पानी बचाओ
वैसे तो हमारी पृथ्वी पर पानी का अपार भण्डार समुद्र है | पृथ्वी के धरातल पर 3/4 भाग पानी है किन्तु यह पीने योग्य नहीं है |
पृथ्वी की सतह के प्रतिवर्ग किमी. के ऊपर वायुमंडल में लगभग 30,000 जल वाष्प पाई जाती है |
पृथ्वी पर पाये जाने वाले जल का 97% समुद्र में पाया जाता है | समस्त जल का केवल एक प्रतिशत जल ही पीने योग्य है |
अतः जल की एक भी बूँद व्यर्थ न बहने दें |
नाम – अभिषेक, अभय
कक्षा - 7th
बैलून गाड़ी
सामग्री - बैलून, चार ढक्कन, नली, दफ्ती, पाइप
कैसे चलती है गाड़ी ?
सिद्धांत- यह गाड़ी क्रिय - प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर कार्य करती हैं |
जब किसी वस्तु पर कोई दूसरी वस्तु जितना बल लगाती है तो दूसरी वस्तु उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है |
नाम - रावेन्द्र, सूरज
कक्षा- 6th
कैसे चलती है गाड़ी ?
सिद्धांत- यह गाड़ी क्रिय - प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर कार्य करती हैं |
जब किसी वस्तु पर कोई दूसरी वस्तु जितना बल लगाती है तो दूसरी वस्तु उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है |
नाम - रावेन्द्र, सूरज
कक्षा- 6th
लाइट एमिटिंग डायोड्स
डायोड्स एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो कम पावर में उत्पन्न करता है | एल.ई.डी. के सारे + टर्मिनल को एक साथ जोड़कर परिपथ बनाया एक टर्मिनल से एक रेजिस्टेंस से जोड़कर स्विच के टर्मिनल से जोड़ा बैटरी के एक टर्मिनल को एल.ई.डी. के दूसरे बचे टर्मिनल से जोड़ा गया | परिपथ तैयार हो गया स्विच को ओन करने पर एल.ई.डी. जलेगी ऑफ करने पर परिपथ कट जायेगी रेसिस्टेंस का उपयोग परिपथ में विभवांतर की मात्रा को संतुलित करने के लिए लगाया गया है | एल.ई.डी. प्रकाश का सस्ता माध्यम है इसे 100 वाट के बल्ब के स्थान पर उपयोग किया जा सकता है | इससे बिजली तथा पैसे की बचत होती है | एल.ई.डी. को सीधे बैटरी में न जोड़े एल.ई.डी. फ्यूज हो जायेगी |
नाम- स्नेहा, खुशबू
कक्षा- 7th
नाम- स्नेहा, खुशबू
कक्षा- 7th
मोड़ दें पानी की धारा
* कुछ वस्तुओं को अन्य वस्तुओं से रगड़ने पर उनपर आवेश (चार्ज) आ जाता है |
* जिस प्रकार पेन या स्केल को बालों में रगड़ने पर आवेश आ जाता है |
जिस तरफ पेन होगा उस तरफ पानी की धारा आकर्षित होगी |
आवेश की परिभाषा- किसी भी तत्व में तीन प्रकार के कण पाए जाते हैं |
*इलेक्ट्रॉन
*प्रोटोन
*न्यूट्रॉन- उदासीन कण है |
सहायक सामग्री - ब्यूरेट, ब्यूरेट स्टैंड, कीप,पेन या स्केल,एक चार कोने वाला डिब्बा |
नाम - संगीता, अंजली
कक्षा – 6th
* जिस प्रकार पेन या स्केल को बालों में रगड़ने पर आवेश आ जाता है |
जिस तरफ पेन होगा उस तरफ पानी की धारा आकर्षित होगी |
आवेश की परिभाषा- किसी भी तत्व में तीन प्रकार के कण पाए जाते हैं |
*इलेक्ट्रॉन
*प्रोटोन
*न्यूट्रॉन- उदासीन कण है |
सहायक सामग्री - ब्यूरेट, ब्यूरेट स्टैंड, कीप,पेन या स्केल,एक चार कोने वाला डिब्बा |
नाम - संगीता, अंजली
कक्षा – 6th
जीव-जन्तु
तारा मछली- यह तारे के समान समुद्री जन्तु है इनका शरीर चपटा-पंचतयी होता है | उत्सर्जन क लिए विशिष्ट अंग पाये जाते है | तारा मछली के लार्वा को बाइपिंनेरिया कहते है |
छिपकली - यह घर की दीवारो पर रेंगने वाला जन्तु है जीभ छोटी होती है यह भारत, चीन, लंका में पायी जाती है |
बिच्छू - जमीन पर गर्म स्थानो में रहने वाला रात्रिचर जन्तु है यह सूक्ष्म जीवो का भक्षण करता है |
नाम - अक्षिता, अंकिता
कक्षा -7th
क्रिस्टलीकरण
विभिन्न पदार्थों के क्रिस्टल अलग-अलग आकृति और रंगों के हो सकते है | किसी एक पदार्थ के क्रिस्टल सामान्यतः एक ही आकृति के होते हैं उनके आकार अलग-अलग हो सकते हैं |
उपयोग - अशुद्धियों की उपस्थिति में किसी पदार्थ के क्रिस्टल शुद्ध करते हैं |
कार्य विधि - सबसे पहले हमने एक बीकर में पानी लिया और उसे गर्म किया और नीचे रखा फिर उसमें फिटकरी के टुकड़े डालते गए और फिर पानी ठंडा हो गया फिर मैंने उसे गर्म किया और फिर फिटकरी के टुकड़े डालते गए | ऐसा तब तक करें जब तक फिटकरी घुलना बंद न करे और फिर उसमें एक धागा डाल दें | दूसरे दिन देखें क्या धागे में फिटकरी के टुकड़े चिपके हैं |
नाम- अंजलि, वैशाली
कक्षा-7th
रंगे हाथों पकड़ना
जो व्यक्ति रिश्वत मांगता है उसे फिनोफ्थेलीन पाउडर लगे नोट दें वह व्यक्ति जैसे ही नोट छुएगा उसके हाथों में पाउडर लग जाएगा | अब उस व्यक्ति को क्षारीय जल से हाथ धोने को कहें जैसे वह हाथ धोएगा उसके हाथ लाल हो जाएंगे और वह व्यक्ति पकड़ा जाएगा |
यह कैसे होता है- फिनोफ्थेलिन एक क्षार सूचक रसायन है जो क्षारीय पदार्थों के संपर्क में आने पर गुलाबी रंग देता है | फिनोफ्थेलीन पाउडर इतनी काम मात्रा में भी कार्य करता है कि व्यक्ति को यह पता भी नहीं चलता है कि उसकी अँगुलियों में सूचक लगा है या नहीं |
नाम- प्रदीप, अंशू
कक्षा- 7th
रंगो का खेल
यूनिवर्सल इंडिकेटर एक ऐसा रसायन है जो कि अपने रंग बदल देता है क्षार का पता फिनॉफ्थेलिन लगाता है अगर क्षार होगा तो उसका रंग गुलाबी हो जाएगा | अम्ल का पता मिथिलऑरेंज लगाता है अगर अम्ल होगा तो लाल हो जाएगा |नाम - आराध्या, पूजा कक्षा- 7th
प्रदूषण
प्रदूषण का अर्थ है - वातावरण को प्रदूषित या गंदा करना जो ताजा हवा और शुद्ध जल हमें प्राप्त हो रहा है | ये सब हमारी अनदेखी और लापरवाही के कारण हुआ है | जो फैक्टरियों से निकला गन्दा व्यर्थ पदार्थ जो पाइप लाइन के द्धारा नालों, नहरों और नदियों मैं मिलते हैं | जिससे उसका पानी विषैला और गन्दा हो जाता है | चिमनियों से निकला धुआँ वायु को खतरनाक गैसों से भर देता है | जो लोगों के द्धारा शरीर में जाकर अनेक रोगों को जन्म देता है | बढ़ता हुआ शोर, शोर धीरे-धीरे लोगों को बहरा बना रहा है |
नाम - करन
कक्षा – 6th
पवन ऊर्जा
आदमी ने सबसे पहले जिस प्राकृतिक शक्ति का इस्तेमाल किया, वह है हवा की शक्ति |
हवा की शक्ति से भारत, चीन मिस्र का काम भले ही चला हो देश में ऐसे भी अनेक स्थान है जहाँ बिजली तेल या कोयला पहुंचाने में बहुत अधिक खर्च आता है ऐसे स्थानों में हमें ऊर्जा एवं शक्ति की छोटी - छोटी इकाइयां ही स्थापित करनी होगी ऐसी ही एक छोटी इकाई है - पवन चक्की की शक्ति | ऊर्जा - राकेट के दिनों में इन पवन चक्कियों ने बड़ा काम किया है | पवन ऊर्जा प्रदूषण रहित है |
नाम- अंकुर प्रजापति, राहुल प्रजापति
कक्षा – 8th
Science Mela 2013
मोबाइल चार्जर
विद्युत ऊर्जा की बचत व परंपरागत ऊर्जा की निर्भरता को कम करने के लिए यह मॉडल तैयार किया गया है/
उपयोग - साइकिल में रोशनी के लिए , मोबाइल को चार्ज करने में
आवश्यक सामग्री - कबाड़ में पड़ी साइकिल के कुछ भाग , डायनमो (१२ v )
नाम - सोनू ६
नाम - सुभाष पाण्डेय ६
बिजली का चूहा
यह एक ऐसा चूहा है जो बिजली से चलता है / इसको बनाने के लिए घर में बेकार पड़ी वस्तुयों का इस्तमाल किया गया है / एक टूटा टूथब्रश , रबर बैण्ड, मोबाइल में लगने बाला वाइब्रेटर/ इस चूहे को चलाने के लिए बैटरी का प्रयोग किया गया है /
कार्य बिधि - जब बैटरी से बाइब्रेटर चालू किया जाता है तो पूरा ब्रश तेजी से कम्पन करता है और फिसलता हुआ आगे बढ़ता है /
नाम - बैशाली , अंजली
कक्षा - ६
विद्युत ऊर्जा बचाओ
विद्युत ऊर्जा की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है / बढ़ती ऊर्जा की मांग का
एक कारण है - फ़िज़ूलखर्ची/ घरों में अनावश्यक रूप से विद्युत उपकरण चालू
रहते हैं तथा
सड़कों पर लगी लाइटें दिन में भी जलती रहती हैं / यदि रोड लाइटों का उपयोग
केवल रात में किया जाए तो विद्युत ऊर्जा कि बर्बादी रुकेगी और विद्युत
ऊर्जा की बचत होगी /
प्रस्तुत मॉडल विद्युत ऊर्जा का दुरुपयोग रोकने के लिए बनाया गया है / इसमें केवल अँधेरा होने पर ही लाइट जलती है/
विद्युत ऊर्जा बचाने के कुछ तरीके -
घरों में बल्ब दिन में बंद रखें /
एडिसन बल्बों के स्थान पर CFL का उपयोग करें /
अनावश्यक पंखे न चलायें /
चलता हुआ हीटर न छोड़ें /
नाम - गुलफाम , शिवम
कक्षा - ७
आओ बनाये J.C.B.
कबाड़ से जुगाड़
यह एक हाइड्रोलिक J.C.B. है / इसे पुरानी बेकार सिरिंजों और ग्लूकोज़ चढ़ाने वाली बेकार नलियों से तैयार किया गया है/
यह J.C.B. कैसे कार्य करती है ?
इसमे
प्रत्येक सिरिंज को किसी दूसरी सिरिंज से ग्लूकोज़ की नलिओं द्वारा जोड़ा
गया है / नलिओं और सिरिंजों में पानी भरा है / जब एक सिरिंज के पिस्टन को
दबाते हैं तो जल का दाब दूसरी सिरिंज के पिस्टन पर पड़ता है,जिससे पिस्टन
पीछे सरकता है औरJ.C.B. की भुजा कार्य करने लगती है/
नाम - अर्जुन , सचिन यादव , अंकित
कक्षा - ८
आओ बनाएँ विद्युत घंटी
यह बिजली से चलने वाली एक घंटी है/ इसका उपयोग घरों व दफ्तरों में किया जाता है /
सिद्धांत -- यह मॉडल विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाब पर आधारित है / इस सिद्धांत कि अनुसार --
जब किसी चालक तार में विद्युत धारा प्रवाहित की होती है तो उसके चारो और चुंबकीय प्रभाब उत्पन्न हो जाता है/
घंटी कैसे काम करती है ?
इसमें सर्किट इस तरह तैयार किया गया है कि जैसे ही विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो
क्वाइल में चुंबकत्व पैदा हो जाता है और लोहे की पत्ती घंटी से टकराती है /
इससे परिपथ पूरा हो जाता है और पत्ती फिर अपने स्थान पर आ जाती है तो
परिपथ फिर से चालू हो जाता है और पत्ती पुनः घंटी से टकराती है/ यह क्रिया
बार - बार होती है जिससे घंटी बजने लगती है/
नाम - श्याम जी , ज्ञानेन्द्र कमल
कक्षा - ८
सोलर कुकर
आज के युग में ऊर्जा की समस्याओं को देखते हुए यह मॉडल तैयार किया है/ जब
सूर्य की किरणें इसके ऊपर पड़ती है तो बॉक्स के अंदर का तापमान बढ़ जाता है/
काला रंग ऊष्मा को सोखने में मदद करता है/ थर्माकोल ऊष्मा का कुचालक होता
है
अतः ऊष्मा बाक्स के बाहर नहीं जा पाती है/ खाना बनाने के दूसरे साधनो से यह बेहतर है क्योंकि भोजन धीरे - धीरे पकता है जिससे पोषक तत्व नष्ट नहीं होते हैं/
भोजन की पौष्टिकता बनी रहती है/
इसमें ईंधन का कोई खर्च नहीं होता है /
प्रयोग करने पर कोई प्रदूषण नहीं होता /जैसे -राख धुऑं नहीं बनता है /
नाम - हर्षित कमल , विवेक यादव
कक्षा- ७
ऊष्मा द्वारा ठोस , द्रव , तथा गैसों में प्रसार का प्रदर्शन
ठोस , द्रव तथा गैसों को दिखाने के लिए सरल विधियों का प्रयोग किया गया है /
दैनिक जीवन में हैम देखते है कि -
गुब्बारा को फुलाकर धुप में रखने पर फट जाता है / धूप में खड़ी साइकिल का ट्यूब फट जाता है / बोतल में फंसी कार्क/डाट को निकालने के लिए बोतल को गर्म करना / ट्रेन की पटरियों को जोड़ते समय बीच में थोड़ा स्थान छोड़ना /
नाम पीयूष गौतम , प्रशांत कमल
कक्षा- 7
मानव शरीर के आतंरिक अंग
मानव शरीर के मुख्य आंतरिक अंग निम्नलिखित हैं :
मुख - यहाँ से भोजन का पाचन प्रारम्भ होता है/
भोजन नली- इसके अंदर से भोजन सरकता हुआ आमाशय तक पहुंचता है /
हृदय - यह सम्पूर्ण शरीर में रक्त को प्रवाहित करता है /
फेफड़े - यह रक्त को शुद्ध करते हैं /
यकृत - इसमें पित्त रस बनता है /
आमाशय - यह प्रोटीन पचाने का कार्य करता है /
छोटी आंत - इसमें पचे हुए भोजन का अवशोषण होता है /
बड़ी आंत - इसमें पचे हुए जल का अवशोषण होता है बचे हुए वर्ज्य पदार्थों को मलाशय तक पहुंचाता है/
नाम - बीनू , कक्षा-६
नाम - विशाल तिवारी ,कक्षा- ८
दूध में डिटर्जेंट की मिलाबट
आजकल
दूध में अनेक प्रकार की मिलाबट की जा रही है/ कई बार डिटर्जेंट मिला दूध
बाजार में पकड़ा भी गया है/ डिटर्जेंट मिलाने से दूध काफी लम्बे समय तक ख़राब
नहीं होता है किन्तु यह स्वास्थ्य के लिय अत्यंत हानिकारक है/
कैसे करें जांच - २ मिली दूध में २ बूंद ब्रोमोक्रिसाल पर्पल मिलाते हैं /
यदि विलयन का रंग ईंट जैसा हो जाता है तो दूध में डिटर्जेंट की मिलावट
नहीं है और यदि रंग बैंगनी हो जाये तो डिटरजेंट की मिलावट की गई है / दूध
में स्टार्च की मिलावट की जाँच - पानी मिले दूध को गाढ़ा करने के लिए उसमें
अरारोट आदि की मिलावट कर दी जाती है/ थोड़ा सा दूध परखनली में लेकर उसमे 2
बूंद
आयोडीन की मिलाते हैं/ यदि रंग बैंगनी या काला हो जाये तो दूध में
स्टार्च
आदि की मिलावट है/
नाम - शिवानी वर्मा , दीपिका कमल
कक्षा- 7
जल अपघटन
इस प्रयोग के द्वारा जल अपघटन की क्रिया को दिखाया गया है/ जब
जल में विद्युत धारा प्रवाहित करते हैं तो जल का अणु दो भागों में टूट जाता
है/ अतः जल का अणु टूटने से जितनी आक्सीजन बनती है उससे दो गुनी हाइड्रोजन
गैस बनती है / इस प्रयोग के द्वारा पानी के अणु में उपस्थित तत्वों के बारे में पता चलता है/
नाम - अंजली , शालिनी
कक्षा- ६
सूक्ष्म जीवों की दुनिया
हमारा शरीर छोटी - छोटी कोशिकाओं से बना है/ हमारे शरीर में करोड़ों कोशिकाएं पाई जाती हैं /
कई
कोशिकाएं मिलकर ऊतक बनता है/ कई ऊतक मिलकर अंग बनता है/ कई अंग मिलकर
अंग तंत्र बनता है/ कई अंग तंत्र मिलकर हमारा शरीर बनता है /
हमने सूक्ष्मदर्शी के द्वारा प्याज की झिल्ली स्लाइड में लगाईं जिसमें उसकी कोशिकाएं दिखती हैं/
नाम - आयुष ,शैलेन्द्र
कक्षा- ७
जल चक्र
सूर्य
कि गरमी के कारण पानी का भाप बनकर उड़ना वाष्पीकरण कहलाता है/ जब यह भाप
हवा में मिल जाती है तो नमी पैदा होती है और नमी के कारण बादल बनते है और संघनन
के बाद बर्षा हो जाती है / इसे जल चक्र कहते है / जल चक्र की पहली सीढ़ी भाप
बनना या बाष्पीकरण , दूसरी सीढ़ी घना होना या संघनन तथा तीसरी सीढ़ी बरसात है / यह चक्र पृथ्वी
पर लगातार चलता रहता है /
नाम - ख़ुशी
कक्षा - ८
प्रदूषण
प्रदूषण का अर्थ है वातावरण को प्रदूषित या गन्दा करना. जो ताज़ी
हवा और शुद्ध जल हमें प्राप्त हुआ करता था वह अब प्रदूषित हो गया है .
फैक्ट्रियों
और उद्योगों कि बढ़ती संख्या एक ऐसा स्रोत है जो वायु, जल और शोर का
प्रदूषण उत्पन्न कर रहा है. इन फैक्ट्रियों से निकले गंदे व्यर्थ पदार्थ
पाइप लाइनों के द्वारा नालों, नहरों और नदियों मैं जाकर मिलते हैं इससे
उनका पानी विषैला और गन्दा हो जाता है. चिमनियों से निकला धुआं वायु को
खतरनाक गैसों से भर देता है. मशीनों और सायरनों से निकला शोर धीरे -धीरे
लोगों को बहरा बना रहा है. पेड़ों के काटने से वर्षा आने में बाधा आती है
जिससे अन्न उत्पादन में कमी हो रही है.
नाम - कोमल
कक्षा - 8
कमल मंदिर
कमल मंदिर बहाई धार्मिक आस्था की एक
महत्त्वपूर्ण वास्तुकला है/ यह दिल्ली कालकाजी में स्थापित है / मंदिर का
सम्पूर्ण भाग खिले हुए कमल के समान दिखाई देता है / कमल मंदिर
को संगमरमर , सीमेंट और डोलोमाइट से चिकना किया गया है/ इसे चट्टानों से
सुसज्जित किया गया है/ इस मंदिर में किसी तस्वीर या मूर्ति की स्थापना नहीं
की गई है / किसी मंच या वेदी का भी प्रयोग नहीं किया गया है/ मंदिर में भक्त
किसी भी भाषा में भजन गा सकते हैं लेकिन वाद्ययंत्रों का प्रयोग
वर्जित है/ पूजागृह में किसी प्रकार का प्रवचन नहीं दिया जा सकता है / कर्म
कांड , अनुष्ठान प्रतिवंधित है / दिसम्बर १९८६ में जब सार्वजनिक पूजा
के लिए इसका उद्घाटन हुआ तो इसे देखने के लिए ५० मिलियन आगंतुक आये थे /
नाम - नीलम कक्षा - ७
आदिमानव
मानव पहले खुले आकाश के नीचे
नदियों के किनारे या झीलों के पास रहता था/ वह पत्थर के औजारों से पशुओं
का शिकार करता था/ शिकार से प्राप्त मॉस ही उसका मुख्य भोजन था /
कंदमूल तथा फल भी उसके भोजन में शामिल थे / थोड़े समय बाद मानव ने गुफाओं
में रहना शुरू कर दिया /
आदिमानव औजार बनाने के लिए एक पत्थर से दूसरे पत्थर पर चोट मारते थे / जिससे चिंगारी निकलती थी / निकलने वाली चिंगारी से उन्हें आग का ज्ञान हुआ/ इससे वह सूखी पत्तियों , टहनियों आदि को जलाने लगा /नाम - स्वाती गौतम कक्षा - ८
आदिमानव औजार बनाने के लिए एक पत्थर से दूसरे पत्थर पर चोट मारते थे / जिससे चिंगारी निकलती थी / निकलने वाली चिंगारी से उन्हें आग का ज्ञान हुआ/ इससे वह सूखी पत्तियों , टहनियों आदि को जलाने लगा /नाम - स्वाती गौतम कक्षा - ८



















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