हमारे स्कूल में ईटों से बने घेरे में एक बरगद का पेंड़ है .एक दिन सवेरे मैने बरगद के पत्ते पर रखे हुये दो अंडे देखे . नीले रंग के . दो पत्तों को जोड़ कर बड़ी कारीगरी से बना है यह घोसला .दोनों पत्तों के किनारों को बिल्कुल वैसे ही सिला है जैसे कोई मोची समान दूरियों पर फंदे लगाता हो. ऊपर के पत्ते को इस प्रकार मोड़ा गया है . जैसे बंजारे गोल छत वाले घर बनाते हैं . अंदर कुछ मुलायम चीजे रुई जैसा कुछ रखा हुआ है .चिड़िया ने बड़ी मसक्कत से यह घोसला तैयार किया है .लेकिन आज तक वह चिड़िया दिखी नहीं .कहीं वह अनाथालय में अपने अण्डे छोड़ कर तो नहीं चली गई !
Saturday, July 23, 2011
कारीगर चिड़िया
हमारे स्कूल में ईटों से बने घेरे में एक बरगद का पेंड़ है .एक दिन सवेरे मैने बरगद के पत्ते पर रखे हुये दो अंडे देखे . नीले रंग के . दो पत्तों को जोड़ कर बड़ी कारीगरी से बना है यह घोसला .दोनों पत्तों के किनारों को बिल्कुल वैसे ही सिला है जैसे कोई मोची समान दूरियों पर फंदे लगाता हो. ऊपर के पत्ते को इस प्रकार मोड़ा गया है . जैसे बंजारे गोल छत वाले घर बनाते हैं . अंदर कुछ मुलायम चीजे रुई जैसा कुछ रखा हुआ है .चिड़िया ने बड़ी मसक्कत से यह घोसला तैयार किया है .लेकिन आज तक वह चिड़िया दिखी नहीं .कहीं वह अनाथालय में अपने अण्डे छोड़ कर तो नहीं चली गई !
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