यह मशीन हाइड्रोलिक प्रेसर के सिद्धान्त पर कार्य करती है.
जब किसी सिलेंडर मे भरे द्रव पर दाब डाला जाता है. तो उतना ही दाब उससे जुड़े सिलेंडर पर पड़ता है. जिससे पिस्टन आगे की ओर खिसक जाता है. इस सिद्धान्त का उयोग हम इस मशीन की तरह कर सकते है. जिसमे कम बल लगाकर अधिक भार को उठाया जा सकता है.
अनीश, अमित क्लास - ८
जब किसी सिलेंडर मे भरे द्रव पर दाब डाला जाता है. तो उतना ही दाब उससे जुड़े सिलेंडर पर पड़ता है. जिससे पिस्टन आगे की ओर खिसक जाता है. इस सिद्धान्त का उयोग हम इस मशीन की तरह कर सकते है. जिसमे कम बल लगाकर अधिक भार को उठाया जा सकता है.
अनीश, अमित क्लास - ८

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